नौकरी छोड़ मेरठ का युवा किसान लोगों को सिखा रहा जैविक खेती का पाठ

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पंद्रह साल तक एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में नौकरी के बाद जब अजय ने नौकरी छोड़ जैविक खेती करने का फैसला किया तो सभी को लगा क्या कर रहा है, लेकिन आज वही अजय खेती में नौकरी से ज्यादा कमा रहे हैं। अब उनके पास देश भर से लोग जैविक खेती की जानकारी भी लेने आते हैं।

मेरठ ज़िला मुख्यालय से 23 किलोमीटर दूर किनानगर गाँव मे इस युवा किसान ने जैविक खेती शुरू की 2015 में की थी आज लगभग 25 लाख रुपए सालाना कमा रहे हैं। अजय त्यागी आईबीएम कंपनी में जरनल मैनेजर थे, नोएडा की बड़ी कंपनी छोड़कर अपने गाँव वापस चले आए और उन्होंने 2015 से जैविक खेती की शुरुआत की आज उन्होंने अपने 10 एकड़ में जैविक खेती की है जो गाँव मे एक मिसाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं।

उन्होंने अपने फार्म पर 50 से ज्यादा उत्पाद तैयार किए हैं। कहा जा सकता है कि एक ही छत के नीचे दाल से लेकर आटे तक को तैयार करते है जो पूरा जैविक हैं।

अजय बताते हैं, “हमने कार्बनिक के नाम से फार्म तैयार किया है और हमारा माल मार्कट में खुद के ब्रांड से जाता हैं। मैंने खेती की कमाई से मकान बनवाया और बीएमडब्ल्यू कार भी खरीदी है और मुझे अच्छा मुनाफ़ा मिल रहा हैं ।

अजय ने अपना सारा काम ऑनलाइन ही किया हुआ है, जिसमे बैंगलोर, हरियाणा, दिल्ली , पंजाब, देहरादून , तमाम राज्यों से ऑर्डर मिल जाते हैं। पेमेंट बैंक द्वारा भेज दिया जाता हैं, उसके बाद माल को ट्रांसपोर्ट पर जाकर ग्राहक तक भेज देते हैं। सभी काम ऑनलाइन होते हैं। कई अन्य राज्य से युवा किसान जैविक खेती की ट्रेनिंग के लिए आते हैं, जिसमें  दिल्ली, हरियाणा, नेपाल प्रमुख हैं। कुछ कृषि यूनिवर्सिटी से लोग भी यहाँ शोध के लिए आते हैं।

अजय त्यागी बताते हैं की हमनें अपने 10 एकड़ के फार्म में तमाम तरह की हरी सब्जियां व दाल आटे , फल की बिक्री करते हैं। जो पूरी तरह जैविक है ग्राहक हमारे फार्म पर आ कर खुद तोड़ कर ले जाते हैं, मौसम के हिसाब से हमारे यहाँ सभी उत्पादक मौजूद रहते हैं, लाल चावल, काला चावल, हरा चना , मूंग , अरहर , सभी तरह की दाले मौजूद हैं।

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