यूपी सरकार ने मजदूरों को ट्रॉन्सफर किए एक हजार रूपये

by user

कोरोना से उठे रोजगार संकट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने निर्माण और दिहाड़ी मजदूरों को प्रतिमाह एक हजार रूपये देने का ऐलान किया था। इसकी पहली किश्त योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह जारी की। सरकार ने इसे “श्रमिक भरण पोषण योजना” का नाम दिया है।

यूपी के लगभग 20 लाख निर्माण मजदूरों को ऑनलाइन किश्त ट्रॉन्सफर करते हुए उन्होंने कहा कि “जल्द ही ऐसे मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों के खाते में भी आर्थिक सहयोग जाएगा, जिनका पंजीकरण यूपी के श्रम विभाग में नहीं है। हमने इसके लिए जिलाधिकारियों को अधिकृत किया है। जो लोग इस सुविधा से वंचित रह गए हैं, किसी योजना से आच्छादित नहीं हैं, कमाने का जरिया नहीं है और आय के स्रोत बंद हो चुके हैं, उन्हें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित कर जनपद स्तर पर 1000 की व्यवस्था की जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निकाय नगर पालिका और ग्राम पंचायत सूची तैयार करने में लगे हुए हैं।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्य भी अगले 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा, इनका डेटाबेस लगभग तैयार हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बीपीएल धारकों, निराश्रित वृद्धा अवस्था पेंशन धारकों, दिव्यांगजन पेंशन धारकों, निर्माण श्रमिकों और प्रतिदिन कमाने वाले श्रमिकों को प्रदेश सरकार नि:शुल्क राशन उपलब्ध करा रही है। इसके तहत 20 किलो गेंहू और 15 किलो चावल प्रदेश के 1.65 करोड़ जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने 22 मार्च को मजदूरों के लिए इस संकट के समय 1000 रूपये मासिक सहयोग देने का ऐलान किया था। तब उन्होंने यह भी कहा था कि गरीब लोगों पर आर्थिक बोझ ना पड़े इसलिए मनरेगा मजदूरों की बकाया राशि का तत्काल भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। इसके अलावा वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन जैसी तमाम योजनाओं का फायदा उठाने वाले पेंशन धारकों को भी अप्रैल और मई माह के पेंशन को एडवांस में अप्रैल महीने में ही दिये जाने की घोषणा उन्होंने की थी।

You may also like

Leave a Comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More